चित्रकूट से निकला डिजिटल कृषि नवाचार: MilletMitra AI किसानों को देगा AI आधारित सलाह और बाजार से सीधा जुड़ाव

मिलेट उत्पादन, QR ट्रेसबिलिटी और डिजिटल किसान नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण कृषि को नई दिशा देने की पहल

चित्रकूट। बुंदेलखंड के किसानों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल कृषि सेवाओं और बेहतर बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से चित्रकूट से संचालित डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म MilletMitra AI ने अपनी गतिविधियों का विस्तार शुरू कर दिया है। यह पहल किसानों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कृषि सलाह, QR ट्रेसबिलिटी, डिजिटल पंजीकरण और बाजार संपर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।

इस पहल का संचालन सी पी डी एग्रो फार्मिंग प्रोडूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, मूल्य संवर्धन और संगठित बाजार व्यवस्था से जोड़ना है। संस्था के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र के अनेक किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं तथा आगामी समय में एक हजार से अधिक किसानों को इस डिजिटल नेटवर्क का हिस्सा बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

मिलेट किसानों पर विशेष फोकस

MilletMitra AI विशेष रूप से मोटे अनाज (मिलेट) को बढ़ावा देने पर कार्य कर रहा है। चित्रकूट और बुंदेलखंड क्षेत्र में परंपरागत रूप से ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी और रागी जैसे पौष्टिक अनाजों का उत्पादन होता रहा है, लेकिन किसानों को अक्सर उचित बाजार और पहचान नहीं मिल पाती। इसी को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म किसानों को उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन तक जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

संस्था का मानना है कि मिलेट केवल एक कृषि उत्पाद नहीं बल्कि पोषण, स्वास्थ्य और जलवायु अनुकूल खेती का मजबूत आधार हैं। बढ़ती जागरूकता के बीच इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल मॉडल विकसित किया जा रहा है।

QR ट्रेसबिलिटी और डिजिटल पहचान

MilletMitra AI की एक महत्वपूर्ण विशेषता QR आधारित ट्रेसबिलिटी प्रणाली है। इसके माध्यम से उपभोक्ता उत्पाद को स्कैन कर यह जान सकेंगे कि वह किस किसान, किस गांव और किस क्षेत्र से आया है। इससे उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और किसानों को अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।

संस्था द्वारा किसानों के डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने तथा उन्हें तकनीकी और बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। भविष्य में यह प्लेटफॉर्म किसानों, खरीदारों और उपभोक्ताओं के बीच एक डिजिटल सेतु के रूप में कार्य करेगा।

ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को भी मिलेगा अवसर

इस पहल के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को भी कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने की योजना बनाई गई है। स्थानीय स्तर पर पैकेजिंग, प्रसंस्करण, डिजिटल सेवाओं और किसान सहायता गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाएंगे। संस्था का मानना है कि कृषि आधारित ग्रामीण उद्योग गांवों में रोजगार और आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इस संबंध में प्लेटफॉर्म के संस्थापक चन्द्र प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि आज के समय में किसान को केवल खेती की जानकारी ही नहीं, बल्कि तकनीक, बाजार और डिजिटल पहचान की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि MilletMitra AI का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़ते हुए उनकी आय और बाजार पहुंच को मजबूत बनाना है।

उन्होंने बताया कि आने वाले समय में प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान पंजीकरण, उत्पाद ट्रेसबिलिटी, डिजिटल मार्केटिंग, कृषि परामर्श और ग्रामीण एग्री-टेक सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। संस्था का लक्ष्य चित्रकूट और बुंदेलखंड क्षेत्र को मिलेट आधारित कृषि नवाचार के एक सफल मॉडल के रूप में स्थापित करना है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top